छतरपुर कलेक्टर के निर्देशन में आंगनवाड़ियों में बच्चों का विभिन्न गतिविधियों से सुदृढ़ हो रहा शुरुआती ज्ञान

छतरपुर (मध्य प्रदेश) : महिला एवं बाल विकास विभाग छतरपुर द्वारा कलेक्टर संदीप जी.आर. के निर्देशन में आदर्श आंगनवाड़ियों परिजोजना के तहत डाइट नौगांव में सीडीपीओ, पर्यवेक्षकों व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए ५ दिवसीय कार्यशाला का आयोजन २९ जुलाई को सम्पन्न हुआ। नीति आयोग की स्मृति गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला व परियोजना के तहत जिले की आंगनवाड़ियों के विकास के लिए सभी का उत्साह बढ़ाया गया।

आदर्श आंगनवाड़ी परियोजना के तहत ३ वर्षों में जिले की २०५८ आंगनवाड़ियों को विकसित करने की योजना है और पहले साल ५० आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रमुखता और तेजी से काम किया जा रहा है। इस परियोजना में बैंगलोर की एजुकेशन फाउंडेशन सहायक संस्था के रूप में जिला प्रशासन के साथ काम कर रही है।

बच्चों के विकास के लिए शुरुआती वर्षो में की जाने वाली देखभाल जीवन में नींव का काम करती है। इन्हीं वर्षों में बच्चों के भाषा, सामाजिक व भावनात्मक रूप से विकास की क्षमता सबसे ज्यादा होती है, जोकि आने वाले समय में काफी निर्णायक भूमिका अदा करती है। जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों में ३ से ६ साल के बच्चों के साथ कहानी, खेलों व गतिविधियों से बच्चों के सीखने की प्रक्रियों को समृद्ध बनाने बातचीत और संवाद किया जाता है। इस परियोजना से ५० केंद्रों के लगभग २९०० बच्चों को फायदा होने वाला है।

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